रात का सुकून था। कमरे में हल्की रोशनी थी, और मुरीद के हाथ में कुरआन खुला हुआ था। उसकी आँखों मे…
और पढ़ेंसुबह का वक्त था। हल्की रोशनी कमरे में फैल रही थी, और एक अजीब सा सुकून माहौल में था। मुरीद उस्त…
और पढ़ेंशाम की खामोशी थी। हवा ठहरी हुई लग रही थी, लेकिन मुरीद के दिल में हलचल थी। वो उस्ताद के पास बैठ…
और पढ़ेंरात का सन्नाटा था। दूर कहीं अज़ान की हल्की आवाज़ गूंज रही थी। मुरीद उस्ताद के पास बैठा था, ले…
और पढ़ेंरात गहरी हो चुकी थी। चारों तरफ खामोशी थी, लेकिन मुरीद के दिल में शोर था। वो उस्ताद के पास बैठा…
और पढ़ेंशाम ढल चुकी थी। हवा में ठंडक थी, लेकिन दिल में अजीब सी बेचैनी। मुरीद उस्ताद के पास बैठा था, म…
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